बलराइ
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]बलराइ पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ बलराम] कृष्ण के अग्रज । बलराम । उ॰—ताल रस के पान ते अति मत्त भे बलराइ ।—पोद्दार अभि॰ ग्रं॰, पृ॰ २५७ ।
बलराइ पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ बलराम] कृष्ण के अग्रज । बलराम । उ॰—ताल रस के पान ते अति मत्त भे बलराइ ।—पोद्दार अभि॰ ग्रं॰, पृ॰ २५७ ।