बलिवैश्वदेव
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]बलिवैश्वदेव संज्ञा पुं॰ [सं॰] भूतयज्ञ नामक पाँच महायज्ञों में चोथा यज्ञ । इसमें गृहस्थ पाकशाला में पके अन्न से एक ग्रास लेकर मंत्रपूर्वक घर के भिन्न स्थानों में मूसल आदि पर तथा काकादि प्राणियों के लिये भूमि पर रखता है ।