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बलैया

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बलैया संज्ञा स्त्री॰ [अ॰ बला, हिं॰ बलाय] बला । बलाय । मुहा॰—(किसी की) बलैया लेना=(अर्थात् किसी का रोग, दुःख ऊपर लेना) मंगलकामना करते हुए प्यार करना । दे॰ 'बलाय लेना' । बलैया लेता हूँ=बलिहारी है ! इस बात पर निछावर होती हूँ ! क्या कहना है ! पराकाष्ठा है ! बहुत ही बढ़ चढ़ कर है (सुंदरता, रूप, गुण, कर्म, आदि देख सुन कर इसका प्रयोग करते हैं । यद्यपि 'बलि जाना और 'बलैया लेना' व्युत्पत्ति के विचार से भिन्न हैं पर मुहाविरे हिलमिल से गए हैं) । उ॰—लाज बाँह गहे की, नेवाजे की सँभार सार, साहब न राम सो, बलैया लीजै सील की ।—तुलसी (शब्द॰) ।