बहनी
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]बहनी ^१ संज्ञा स्त्री॰ [देश॰] कोल्हू में से रस लेकर रखनेवाली । ठिलिया ।
बहनी पु ^२ संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ वह्नि] अग्नि । आग । उ॰—(क) तुम काहे उडुराज अमृतमय तजि सुभाउ बरषत कत बहनी ।—सूर (शब्द॰) । (ख) दार बहनीं ज्यूँ होइबा भेवं । असंख दल पखुड़ी गगन करि सेवं ।—गोरख॰, पृ॰ १६ ।
बहनी ^३ संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰] दे॰ 'बोहनी' ।