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बहिर्लापिका

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बहिर्लापिका संज्ञा स्त्री॰ [सं॰] काव्यरचना में एक प्रकार क ी पहेली जिसमें उसके उत्तर का शब्द पहेली के शब्दों के बाहर रहता है, भीतर नहीं । 'अंतर्लापिका' का उलटा । जैसे,— अक्षर कौन विकल्प को युवति बसति किहि अंग । बलि राजा कौने छल्यो सुरपति के परसंग । उत्तर क्रमशः वा, वाम और वामन ।