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बहुतरि

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बहुतरि पु संज्ञा पुं॰, वि॰ [सं॰ द्वासप्तति, प्रा॰ बहत्तरि] दे॰ 'बहत्तर' । उ॰—लषिन बतिस बहुतरि कला बाल बेस /?/ सगुन । क्रोड़त गिलोल जब लाल कर तब मार जान चापक सुमन ।—पृ॰ रा॰, १ ।७२७ ।