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बहुरना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बहुरना † क्रि॰ अ॰ [सं॰ प्रघूर्णन, प्रा॰ पहोलन]

१. लौटना । फिरकर आना । वापस आना । उ॰—बहुरी बरात जनवास थान । छबि सोभ सुवन भुवभंति भान ।—पृ॰ रा॰, ४ ।३५ ।

२. फिर हाथ में आना । फिर मिलना ।