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बाँबी

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बाँबी संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ वल्मीक]

१. दीमकों के रहने का भीटा । दीमकों का बनाया हूआ मिट्टी का भीटा । बँबीठा । उ॰— (क) बाँबी फिर अंगहबली अंग उदैही जाम । झीन सबद मुख निक्कसे धीर धीर कै राम ।—पृ॰ रा॰, १ ।१९१ । (ख) आधे तन बाँबी चढ़ि आई । सर्प तुचा छाती लपटाई ।— शकुंतला, पृ॰ १३६ ।

२. वह बिल जिसमें साँप रहता हो । साँप का बिल । उ॰—मन मनसा मारै नहीं, काया मारण जाँहि । दादू बाँबी मारिए सरप मरै क्यौं माहिं ।—दादू॰ बानी, पृ॰ ३४८ ।