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बाँवली

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बाँवली संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ बब्बुल, राज॰ बाँवल, हिं॰ बबूल] बबूल की जाति का एक प्रकार का वृक्ष । उ॰—बाँवलि काइ न सिरिजिआँ, मारूँ मँझ थलौह । प्रातम बाढ़त काँबड़ी फल सेवंत कराँह ।—ढोला॰, दू॰ ४१४ । विशेष—यह वृक्ष सिंध, पंजाब और मारवाड़ में सूखे तालों के तलों में होता है । इसकी छाल चमड़ा सिझाने के काम में आती है और इसमें से एक प्रकार का गोंद भी निकलता है । इसकी पत्तियाँ चारे के काम में आती हैं ।