बाखर
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]बाखर ^१ संज्ञा पुं॰ [देश॰]
१. एक प्रकार की घास जो रुहेलखंड में अधिकता से होती है ।
२. घोड़े की पीठ पर पलानी के नीचे रखी जानेवाली सूखी घास आदि का मुट्ठा जो टाट से लपेटा रहता है । बखरा ।
बाखर पु ^२ संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰] दे॰ 'बखरी' । उ॰—बन उपवन ब्रज बाखर खरिक खोरि, गिरि गहवर उफनाति प्रेम रौरई ।— घनानंद, पृ॰ १९६ ।