बागना
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]बागना † ^१ क्रि॰ अ॰ [सं॰ बक ( = चलना)] चलना । फिरना । घूमना । टहलना । उ॰—देश देश हम बागिया ग्राम ग्राम की खोरि । ऐसा जियरा ना मिला जो लेइ फटकि पछोरि । कबीर (शब्द॰) ।
बागना ‡ ^२ क्रि॰ अ॰ [सं॰ वाक् ( = बोलना)]
१. कहना । बोलना । उ॰—जागत बागत सुख सपने न सोइहै जनम जनम जुग जुग जग रोइहै ।—संतबानी॰, भा॰ २, पृ॰ ८८ ।
२. बजना । ध्वनित होना । उ॰—(क) मेरा मन के मन सौ मन लागा । सबद के सबद सौं नाद बागा ।—दादू॰ बानी, पृ॰ ६२३ । (ख) पिय कौं ढूँढे बारी बागा ।—सुंदर ग्रं॰, भा॰ १, पृ॰ ३५१ ।
बागना ‡ क्रि॰ स॰ [सं॰ विकिरण]
१. छाँटना । छितराना ।
२. गिरना । फेकना ।