बागल
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]बागल पु † संज्ञा पुं॰ [पू॰ हिं॰ बकुला] बगला । बक । उ॰—(क) बिन विद्या सों नर सोहत यों । बहु हंसन में इक बागल ज्यों ।—रघुनाथदास (शब्द॰) । (ख) लिन हरि की चोरी करी गए राम गुन भूलि । ते बिधना बागल रचे रहे उरधमुख झूलि ।—कबीर (शब्द॰) ।