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बानक

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बानक संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰बनाना]

१. वेष । भेस । सजधज । उ॰— या बानक उपमा दैबे को सुकवि कहा टकटोहै । देखत अंग थके मन में शशि कांटि मदनछबि मोहै ।— सूर (शब्द॰) । (ख) आपने अपाने थल, आपने अपाने साद आपनी अपानी बर बानक बनाइए ।— तुलसी (शब्द॰) ।

२. एक प्रकार का रेशम जो पीला या सफेद होता है । (यह तेहुरी से कुछ घटिया होता है और रामपुर हाट बंगाल से आता है ।)

३. संयोग । अवसर । साज । उ॰—सहज भाव की भेट अचानक बिघना सदा बनावत बानक ।—घनानंद॰ पृ॰ २६० ।