बारना
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]बारना ^१ क्रि॰ सं॰ [सं॰ वारण] निवारण करना । मना करना । रोकना । उ॰— लिखि सो बात सखित सों कहीं । यही ठाँव हौं बारति रही ।—जायसी (शब्द॰) । (ख) चोरी कैसी बात चंद्रमा हुते चुराइत नपनलि आदि तै बयारि बारियतु है ।— मति॰ ग्रं॰, पृ॰ २९६ ।
बारना ^२ क्रि॰ सं॰ [हिं॰ बरना] बालना । जलाना । प्रज्वलित करना । उ॰—(क) साँझ सकार दिया लै बारै । खसम छोड़ि सुमिरै लगवारे ।—कबीर (शब्द॰) । (ख) करि श्रृंगार सधन कुंजन में निसिदिन करत बिहार । नीराजन बहुबिधि बारत हैं ललितदिक ब्रजपार ।— सूर (शब्द॰) ।
बारना ^३ क्रि॰ सं॰ [हिं॰] न्योंछावर करना । दे॰ 'वारना' । उ॰— सकल संपदा बारूँ तुम पर प्यारी चतुर सुजान ।—भारतेंदु ग्रं॰, भा॰ १, पृ॰ ६९९ ।
बारना ^४ संज्ञा पुं॰ [देश॰] एक प्रकार का वृक्ष जिसके फलों का गूदा इमारत की लेई में मिलाया जाता है । वि॰ दे॰ 'विलासी' ।