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बारहदरी

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बारहदरी संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ बारह + फा॰ दर(=दरवाजा)] चारों ओर से खुली और हवादार वह बैठक जिसमें बारह द्वार हों । उ॰— बारहदरीन बीच चारहू तरफ जैसी बरफ बिछाय तापै सीतल सुपाटी है ।— पद्माकर (शब्द॰) । विशेष— बारह दरवाजों से कम की बैठक भी यदि चारों ओर से खुली और हवादार हो तो वारहदरी कहलाती है । इसमें अधिकतर खभे होते है, दरवाजे नहीं होते ।