बारिधर
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]बारिधर संज्ञा पुं॰ [सं॰ वारिधर]
१. बादल । वारिद । मेघ । उ॰— हृदय हरिनख अति विराजत छवि न बरनी जाइ । मनो बालक बारिधर नवचद लई छपाइ ।—सूर (शब्द॰) ।
२. एक वर्णवृत जिसके प्रत्येक चरण में रगण, नगण ओर दो भगण होते हैं । इसे केशवदास ने माना है । जैस,—राजपुत्र इक बात सुनी पुनी । रामचंद्र मन माँहि कही गुनि । राति दीह जमराज जनी जनु । जातनानि तन जातन कैं भनु ।—केशव (शब्द॰) ।