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बालभोग

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बालभोग संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. वह नैवेद्य जो देवताओं, विशेषतः बालकृष्ण आदि की मूर्तियों के सामने प्रातःकाल रखा जाता है । उ॰—तब वा डोकरी ने नाग जी को बालभोग की महाप्रसाद अनसखड़ी तथा दूध की (सामग्री) आगे धरी ।— दो सौ बावन॰, भा॰ १, पृ॰ ८ ।

२. जलपान । कलेवा । नाश्ता ।