सामग्री पर जाएँ

बाह्यतपश्चर्या

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

बाह्यतपश्चर्या संज्ञा स्त्री॰ [सं॰] जैनियों के अनुसार तपस्या का एक भेद । विशेष—यह छह प्रकार की होती है—अनशन, औनोदर्य, वृत्तिसंक्षेप, रसत्याग, कायक्लेश और लीनता ।