बिकर्म
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]बिकर्म संज्ञा पुं॰ [सं॰ वि + कर्म] खराब काम । बुरा काम । उ॰—कर्म न बिकर्म करै भाव न अभाव धरै सुभ हू असुभ परै यातें निधरक है ।—सुंदर ग्रं॰, भा॰ २, पृ॰ ६३६ ।
बिकर्म संज्ञा पुं॰ [सं॰ वि + कर्म] खराब काम । बुरा काम । उ॰—कर्म न बिकर्म करै भाव न अभाव धरै सुभ हू असुभ परै यातें निधरक है ।—सुंदर ग्रं॰, भा॰ २, पृ॰ ६३६ ।