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बिगहरि

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बिगहरि संज्ञा पुं॰ [सं॰ वृक, हिं॰ बिग, बीग + हर (प्रत्य॰); या सं॰ वृक + हर (= चीता)] भेड़िया, चीता आदि हिंसक जंतु । उ॰—साथिय एक कुँवर सो कहा । बन बिगहरि सों छूछो अहा ।—इंद्रा॰, पृ॰ २८ ।