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बिगिन्ध

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बिगिंध पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ वि (= विकृत) + गन्ध] असह्य दुर्गध । उ॰—सुंदर नर तन पाइ के भगति न कीन्ह बिचारि । भयो क्रिमी बिनु नैन को बास बिगिंध सँवारि ।—संत॰ दरिया॰, पृ॰ १७ ।