बिगूचन
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]बिगूचन संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ विकुञ्चन अथवा विवेचन?]
१. वह अवस्था जिसमें मनुष्य किंकर्तव्यविमूढ़ हो जाता है । अस- मंजस । अड़चन । उ॰—ऐसा भेद बिगूचन भारी । बेद कतेब दीन अस दुनियाँ, कौन पुरिष कौन नारी ।—कबीर ग्रं॰, पृ॰ १०६ ।
२. कठिनता । दिक्कत । उ॰—सूरदास अब होत बिगूचन भजि लै सारँगपान ।—सूर (शब्द॰) ।