बिगूचना
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]बिगूचना ^१ क्रि॰ अ॰ [सं॰ विकुञ्चन?]
१. संकोच में पड़ना । दिक्कत में पड़ना । अड़चन या असमंजस में पड़ना । उ॰— (क) संगति सोइ बिगूचन, जो है साकट साथ । कँचन कटोरा छाड़ि कै सनहक लीन्ही हाथ—कबीर (शब्द॰) । (ख) ताकर हाल होल अधकूचा । छह दरशन में जैन बिगूचा ।—कबीर (शब्द॰) ।
२. दबाया जाना । पकड़ा जाना । उ॰—राम ही के कोप मधुकैटम सँभारे अरि ताही ते बिगूचे बलराम सों न मेल हैं ।—हृदयराम (शब्द॰) ।
बिगूचना ^२ क्रि॰ स॰ [सं॰ विकुञ्चन] दबोचना । धर दबाना । छोप लेना । उ॰—लै परनालो सिवा सरजा करनाटक लौं सब देस बिगूचे ।—भूषन (शब्द॰) ।