बिचारी
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]बिचारी पु † संज्ञा पुं॰ [सं॰ विचारिन्] विचार करनेवाला । उ॰—मारग छाँड़ि कुमारग सों रत बुधि विपरीत बिचारी हो ।—सूर (शब्द॰) ।
२. वह जो बहुत आचार विचार से रहता हो ।
बिचारी पु † संज्ञा पुं॰ [सं॰ विचारिन्] विचार करनेवाला । उ॰—मारग छाँड़ि कुमारग सों रत बुधि विपरीत बिचारी हो ।—सूर (शब्द॰) ।
२. वह जो बहुत आचार विचार से रहता हो ।