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बिच्छित्ति

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बिच्छित्ति संज्ञा स्त्री॰ [सं॰] श्रृंगार रस के ११ हावों में से एक जिसमें किंचित् श्रृंगार से ही पुरुष को मोहित कर लिया जाना वर्णन किया जाता है । जैसे,—बेंदी भाल तमोल मुख सीस सिलसिले बार । द्दग आँजे राजै खरी साजे सहज सिंगार ।—बिहारी (शब्द॰) ।