बिजन
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]बिजन पु † संज्ञा पुं॰ [सं॰ व्यञ्जन, प्रा॰ बिंजन] भोज्य पदार्थ । खाने की सामग्री । उ॰—(क) मायामय तेहि कीन्हि रसोई । बिंजन बहु गनि सकइ न कोई ।—तुलसी (शब्द॰) । (ख) सुंदर बिंजन सुंदर छीके । काँधनि धरि लिए लागत नीके ।—नंद॰ ग्रं॰, पृ॰ २५९ ।
बिजन पु † संज्ञा पुं॰ [सं॰ ब्यजन] हवा करने का छोटा पंखा जो हाथ से हिलाया जाता है । बेना । उ॰—(क) कैसे वह बाल लाल बाहिर बिजन आवै बिजय बयारि लागै लंक लचकत है ।—मतिराम (शब्द॰) । (ख) चंद्रक चंदन बरफ मिलि हिले जिन चहुँ पास । ग्रीषम गाल गरम लगै गै गुलाब के त्रास ।—स॰ सप्तक, पृ॰ ३६२ ।
बिजन ^२ संज्ञा पुं॰ [सं॰ विजन] निर्जन स्थान । सुनसान जगह ।
बिजन ^३ क्रि॰ वि॰ जिसके साथ कोई न हो । अकेला । उ॰—कैसे वह बाल लाल बाहिर बिजन आवै बिजन बयारि लागै लंक लचकत है ।—मतिराम (शब्द॰) ।
बिजन ^४ संज्ञा पुं॰ [अं॰ वेनज्यन्स (= प्रतिशोध, बदला)] प्रतिशोध । कत्ले आम । बहुत से लोगों की एक साथ हत्या । ल॰—लाचार होकर नादिर शाह ने बिजन बोल दिया ।— श्रीनिवास ग्रं॰, पृ॰ ३३० ।