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बिजोग

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बिजोग पु † संज्ञा पुं॰ [सं॰ वियोग, प्रा॰ बिजोग] वियोग । उ॰—खोजी को डर बहुत है, पल पल पड़ै बिजोग । प्रन राखत जो तन गिरै, सो तन साहेब जोग ।—कबीर सा॰ सं॰, पृ॰ २६ ।