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बिट

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बिट संज्ञा पुं॰ [सं॰ विठ्]

१. साहित्य में नायक का वह सखा जो सब कलाओं में निपुण हो । उ॰—पीठमर्द बिट चेट पुनि बहुरि बिदूषक होई । मोचै मान तियान को पीठमर्द है सोई ।—पद्माकर (शब्द॰) ।

२. वैश्य । उ॰—बस्त बसी ब्रह्य छत्री बिट शूद्र जाति अनुसारा ।—रघुराज (शब्द॰) ।

३. पक्षियों की विष्टा । बीट ।

४. नीच । खल । धूर्त । उ॰— नट भट बिट ठग ठाठ पीक पाच है सबन कौ ।—ब्रज॰ ग्रं॰, पृ॰ १६ ।