बिडरना
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]बिडरना क्रि॰ अ॰ [सं॰ विट् (= तीखे स्वर से पूकारना, चिल्लाना)]
१. उधर उधर होना । तितर बितर होना । उ॰—भीर भई सुरभी सब बिडरीं मुरली भली सँभारी ।— सूर (शब्द॰) ।
२. पशुओं का भयभीत होना । बिचकना । उ॰—सिव समाज जब देखन लागे । बिडरि चले बाहन सब भागे ।—तुलसी (शब्द॰) ।
३. नष्ट होना । बरबाद होना ।