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बितंडा

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बितंडा संज्ञा पुं॰ [सं॰ वितण्डा]

१. बखेड़ा । झंझट ।

२. बिना अर्थ की बहस । यौ॰—बितडावाद । उ॰—विद्वन्मंडल करत बितंडावाद विनाशक ।—भारतेंदु॰ ग्रं॰, भा॰ २, पृ॰ ७५० ।