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बितरेक

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बितरेक पु वि॰ [सं॰ व्यतिरेक] अतिशयतायुक्त । अतिक्रमण करनेवाला । उ॰—ए हो नटनागर । तिहारी सौंह साँची कहौं, सारे भुवमंडल विधाता रची एक है । प्यारी के नयन अनियारे कारे कजरारे, मृग मीन कंज खंज हूँ ते बितरेक है ।— नट॰, ४९ ।