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बितस्ति

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बितस्ति संज्ञा पुं॰ [सं॰ वितस्ति] बित्ता । १२ अंगुल । दे॰ 'वितस्ति' । उ॰—सप्त बितस्ति काइ कौं करयो । रहत बहुरि कहां धौं परयौ ।—नंद॰ ग्रं॰, पृ॰ २७० ।