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बिथार

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बिथार पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ विस्तार, प्रा॰ विथ्थार, विथार] दे॰ 'विस्तार' । उ॰—तनकहि बीज बोइ बिरख बिथार होइ, तनक चिनग परै भसम समान है ।—सुंदर॰ ग्रं॰ (जी॰), भा॰ १, पृ॰ १०३ ।