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बिथारना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बिथारना क्रि॰ स॰ [हिं॰ बिथरना का सक॰ रूप] छितराना । छिटकाना । बिखेरना । उ॰—(क) मनहुं रविबाल मृगराज तन निकर करि दलित अति ललित मनिगन बिथारे ।—तुलसी (शब्द॰) । (ख) रावणहिं मारों पुर भली भाँति जारों, अंड मुंडल बिथारों आज राम बल पाइ कै ।—हनुमान (शब्द॰) ।