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बिदरनि

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बिदरनि संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ बिदरना] विदीर्ण करने अथवा होने की क्रिया, भाव या स्थ्ति । उ॰—हाथिन सों हाथी मारे, घोड़े घोड़े सों सँहारे, रथनि सो रथ बिदरनि बलवान की ।— तुलसी ग्रं॰, पृ॰ १९२ ।