बिदोरना
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]बिदोरना क्रि॰ स॰ [सं॰ विदीर्णन] फैलाना । चलाना । निपोरना । उ॰—खाय के पान बिदोरत ओठ हैं बैठि सभा में बने अलबेला ।—कविता कौ॰, भा॰ १, पृ॰ ३९६ ।
बिदोरना क्रि॰ स॰ [सं॰ विदीर्णन] फैलाना । चलाना । निपोरना । उ॰—खाय के पान बिदोरत ओठ हैं बैठि सभा में बने अलबेला ।—कविता कौ॰, भा॰ १, पृ॰ ३९६ ।