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बिनठना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बिनठना पु † क्रि॰ अ॰ [सं॰ विनष्ट] दे॰ 'बिनशना' । उ॰— (क) काया काची कारवी, काची केवल धातु । साबतु रख हित राम तनु नाहि न बिनठी बात ।—कबीर ग्रं॰, पृ॰ २५१ । (ख) ते नर बिनठे मूलि जिनि धधै मैं ध्याया नहीं ।—कबीर ग्रं॰, पृ॰ २३ ।