बिनानी
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]बिनानी ^१ वि॰ [सं॰ विज्ञानी] अज्ञानी । अनजान । उ॰—(क) रोवन लागे कृष्ण बिनानी । जसुमति आइ गई ले पानी ।— सूर (शब्द॰) । (ख) पाहन शिला निरखि हरि डारयो ऊपर खेलन श्याम बिनानी ।—सूर (शब्द॰) । (ग) भवन काज को गई नंदरानी । आँगन छँड़े श्याम बिनानी ।—सूर (शब्द॰) ।
बिनानी पु ^२ संज्ञा पुं॰ [सं॰ विज्ञान] बिज्ञानी । उ॰—तहाँ पवन न चालइ पानी । तहाँ आपई एक बिनानी ।—दादू (शब्द॰) ।
बिनानी ^३ संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ विज्ञान] विशेष । विचार । गौर । तर्क वितर्क । उ॰—चितै रहे तब नंद पुवति मुख मन मन करत बिनानी ।—सूर (शब्द॰) ।