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बिन्धाना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बिंधाना पु क्रि॰ स॰ [हिं॰ बिंधना] छिद्रित कराना । वेधित कराना । उ॰—(क) सुदंर क्यों पहिले न संभारत, जो गुर षाइ सु कांत बिंधावै ।—सुंदर ग्रं॰, भा॰ २, पृ॰ ४०२ । (ख) जो गुड़ खाय सो कान बिंधावै ।—(कहावत) ।