बिभचार
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]बिभचार संज्ञा पुं॰ [सं॰ व्यभिचार] दे॰ 'व्यभिचार' । उ॰— कृष्ण तुष्ट करि कर्म करै जो आन प्रकारा । फल बिभचार न होइ, होइ सुख परम अपारा ।—नंद॰ ग्रं॰, पृ॰ ४० ।
बिभचार संज्ञा पुं॰ [सं॰ व्यभिचार] दे॰ 'व्यभिचार' । उ॰— कृष्ण तुष्ट करि कर्म करै जो आन प्रकारा । फल बिभचार न होइ, होइ सुख परम अपारा ।—नंद॰ ग्रं॰, पृ॰ ४० ।