बिभावरी
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]बिभावरी पु संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ विभावरी] रात्रि । विभावरी । उ॰—दिन ही मैं तिन सम कानि के कपाट तोरि, धूँधरि अबीर की कों मानत बिभावरी ।—घनानंद, पृ॰ ५९० ।
बिभावरी पु संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ विभावरी] रात्रि । विभावरी । उ॰—दिन ही मैं तिन सम कानि के कपाट तोरि, धूँधरि अबीर की कों मानत बिभावरी ।—घनानंद, पृ॰ ५९० ।