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बिरंच

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बिरंच संज्ञा पुं॰ [सं॰ विरञ्चि] दे॰ 'विरंचि' । उ॰—अर्जुन ज्यौं धनुधर अवधि तिहि सम और न होइ । तिम तुव प्रेम अवधि सूबूधि रची बिरंच कोइ ।—अनेकार्थ॰, पृ॰ ८ ।