बिरखभ
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]बिरखभ ‡ [सं॰ वृषभ] दे॰ 'वृषभ' । उ॰—कबीर गुरु की भक्ति बिन, राजा बिरखम होय । माटी लदै कुम्हार की, घास न डारै कोय ।—कबीर सा॰ सं॰, पृ॰ १७ ।
बिरखभ ‡ [सं॰ वृषभ] दे॰ 'वृषभ' । उ॰—कबीर गुरु की भक्ति बिन, राजा बिरखम होय । माटी लदै कुम्हार की, घास न डारै कोय ।—कबीर सा॰ सं॰, पृ॰ १७ ।