बिरज
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]बिरज वि॰ [सं॰ वि॰ + रज (= शुद्ध)]
१. निर्मल । शुद्ध ।
२. रजोगुण रहित । उ॰—ब्रम्हा जो व्यापक बिरज अज अकल अनीह अभेद ।—मानस १ ।५० ।
बिरज वि॰ [सं॰ वि॰ + रज (= शुद्ध)]
१. निर्मल । शुद्ध ।
२. रजोगुण रहित । उ॰—ब्रम्हा जो व्यापक बिरज अज अकल अनीह अभेद ।—मानस १ ।५० ।