बिरझना
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]बिरझना † क्रि॰ अ॰ [सं॰ विरुद्ध्य + (ति)] उलझना । झगड़ना । उ॰—बदन चद्र के लखन को शिशु ज्यों बिरझत नैन ।—रसनिधि (शब्द॰) ।
बिरझना † क्रि॰ अ॰ [सं॰ विरुद्ध्य + (ति)] उलझना । झगड़ना । उ॰—बदन चद्र के लखन को शिशु ज्यों बिरझत नैन ।—रसनिधि (शब्द॰) ।