सामग्री पर जाएँ

बिरत

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

बिरत ^१ वि॰ [सं॰ विरत] दे॰ 'विरत'

बिरत पु ^२ संज्ञा पुं॰ [सं॰ वृत्त] वृत्तांत । विवरण । उ॰—प्रथम सलाम कहो जु तुम बिरत कहो सु विशेष ।—ह॰ रासो, पृ॰ ५७ ।

बिरत ^३ संज्ञा पुं॰ [सं॰ वृत्ति] [स्त्री॰ बिरती] व्यवहार स्थिति । आजीविका । उ॰—(क) इसमें चिर प्राचीन शब्द वृत्ति था, जिससे हिंदी बिरत निकला है ।—हिंदु॰ सभ्यता , पृ॰ १३१ । (ख) सांख्य योग और नौधा भक्ती । सुपना में इनकी बिरती ।—दरिया॰ बानी, पृ॰ २५ ।