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बिरमाना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बिरमाना ^१ क्रि॰ स॰ [हिं॰ बिरमना का सक॰ रूप]

१. ठहराना । रोक रखना ।

२. मोहित करके फँसा रखना । उ॰—राखे पिय बिरमाह सु आवन ना दिया ।—सुंदर ग्रं॰, भा॰ १, पृ॰ ३६४ ।

३. व्यतीत करना । गुजारना । बिताना ।

बिरमाना पु ^१ क्रि॰ अ॰ [सं॰ बिराम] विश्राम करना । सुस्ताना । उ॰—चुवत स्वेत मकरंद कन तरु तर बिरमाइ । आवतु दच्छिन देस तैं थक्यौ ब़टोही बाइ ।—बिहारी (शब्द॰) ।