बिराजना
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]बिराजना क्रि॰ अ॰ [सं॰ वि + रञ्जन]
१. शोभित होना । शोभा देना । उ॰—झूलत बैसि हिँड़ोरनि पिय कर संग । उत्तम चोर बिराजल भूषन अंग ।—सुंदर॰ ग्रं॰, भा॰ १, ३७९ ।
२. बैठना । आसीन होना । विराजना ।