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बिलमना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बिलमना पु † क्रि॰ अ॰ [सं॰ विलम्बन]

१. विलंब करना । देर करना ।

२. ठहर जाना । रुकना । उ॰—बीच में बिल में बिराजे बिष्णुथल में । सुगंगा जू के जल में अन्हाए एक पल में ।—पद्याकर (शब्द॰) ।

३. किसी के प्रेमपाश में फँसकर कहीं रुक रहना । उ॰—माधव बिलमि बिदेस रहे ।—सूर (शब्द॰) । विश्राम करना । ठहरना । उ॰—क्या बिलम सकेगा वह नंदन के आँगन में ।—सूत॰, पृ॰ ८९ ।