बिवहार
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]बिवहार पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ ब्यवहार] दे॰ 'ब्यवहार' । उ॰—(क) कुल बिवहार बेदबिधि चाहिए जँह जस । उपरोहित दोउ करहिं मुदित मन तहँ तस ।—तुलसी ग्रं॰, पृ॰ १५६ । (ख) जबही मैं क्रीडत बिविध बिवहार होत काम क्रोध लोभ मोह जल मैं संहार है ।—सुंदर ग्रं॰, भा॰ २, पु॰ ६१४ ।